एमपीएल कामगार यूनियन ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि अगर अगले दो-तीन दिनों में उनकी 10 सूत्री मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल और गेट जाम आंदोलन करेंगे। यूनियन ने प्रबंधन के उदासीन रवैये और मांगों को पूरा करने के लिए ठोस पहल न करने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। यूनियन नेता महेश मंडल ने कहा कि कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे चुका है और वे अपनी जायज़ मांगों को पूरा करवाने के लिए "आखिरी दम तक" लड़ने को तैयार हैं। इन मांगों में वेतन वृद्धि, बेहतर कामकाजी परिस्थितियाँ, दुर्गा पूजा बोनस में वृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ शामिल हैं। यूनियन ने इससे पहले 2 अगस्त को गेट जाम आंदोलन किया था, लेकिन प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो यूनियन आंदोलन को और तेज़ करेगी, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
निरसा, 20 अगस्त 2025: आज एम पी एल कामगार यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुदास भवन, पार्टी कार्यालय में महेश मंडल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में यूनियन के सदस्यों ने एम पी एल प्रबंधन के रवैये पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी ।
बैठक में चर्चा हुई कि बीते 2 अगस्त को यूनियन द्वारा 10 सूत्री मांगों के समर्थन में गेट जाम आंदोलन किया गया था। उस समय एम पी एल प्रबंधन ने लिखित रूप में आश्वासन दिया था कि तीन सप्ताह के भीतर बैठक आयोजित कर मांगों पर विचार किया जाएगा और उन्हें पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, तीन सप्ताह बीत जाने के बावजूद प्रबंधन ने कोई ठोस पहल नहीं की, जिससे कामगारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
यूनियन के संगठन मंत्री प्रभु सिंह ने कहाँ कि प्रबंधन का यह उदासीन रवैया अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि अगले दो-तीन दिनों में प्रबंधन ने मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो कामगार उग्रअनिश्चितकालीन गेट जाम और टूल डाउन आंदोलन किया जाएगा
महेश मंडल ने कहा, "प्रबंधन की ओर से बार-बार आश्वासन तो दिए जाते हैं, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती। अब कामगारों का धैर्य जवाब दे चुका है। हम आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं और अपनी जायज मांगों को पूरा करवाकर ही दम लेंगे।"
बैठक में यूनियन के अन्य पदाधिकारियों और कामगारों ने भी प्रबंधन के खिलाफ एकजुटता दिखाई और आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया। यूनियन ने प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
मांगों का विवरण:
यूनियन की 10 सूत्री मांगों में कामगारों के वेतन वृद्धि, बेहतर कार्य परिस्थितियों, दुर्गा पूजा का बोनस 8.33% से बढ़कर 20% करने,इंडवेल कंपनी में 15000 बेसिक पर पीएफ फिक्स किया गया है जो नियम अनुसार वर्तमान बेसिक का 12% पीएफ काटना चाहिए जो नहीं काटा जा रहा है उसे ठीक किया जाए सभी को स्वास्थ सुविधा दिया जाए और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने की मांग शामिल है। कामगारों का कहना है कि ये मांगें लंबे समय से लंबित हैं और प्रबंधन की अनदेखी अब असहनीय हो चुकी है।
यूनियन ने अगले कुछ दिनों में प्रबंधन की प्रतिक्रिया पर नजर रखने का फैसला किया है। यदि प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलता, तो उग्र अनिश्चितकालीन हड़ताल और गेट जाम की जाएगी। इस बैठक में मुख्य रूप से यूनियन के सचिव महेश मंडल कार्यकारिणी अध्यक्ष शमीम अथर उपाध्यक्ष मनोज मंडल कोषाध्यक्ष चंदन मंडल संयुक्त सचिव केशव तिवारी संगठन मंत्री प्रभु सिंह मुन्ना यादव, सह संगठन मंत्री रंजीत दे, तारक तिवारी शंभू सिंह बंशीधर सिंह अब्दुल हुसैन इत्यादि उपस्थित थे
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